प्रेस की आज़ादी: भारत लाल रंग से रंगा है

प्रेस की आज़ादी: भारत लाल रंग से रंगा है

विश्व में पत्रकारों की संस्था”रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स” है जिसे को “आरएसएफ़” के नाम से भी जाना जाता है | संस्था की एक ताज़ा रिपोर्ट आई है, जो प्रेस की आज़ादी पर हर तरह के अंकुश लगाने से लेकर प्रेस की आज़ादी को कुचलने तक के कारनामों को उजागर करती है |रिपोर्ट में भारत को लाल रंग से दिखाया गया है, इस लाल रंग का अर्थ- “जिन देशों को लाल रंग में दिखाया गया है वहाँ प्रेस स्वतंत्रता की हालत ‘बुरी’ है, जिन देशों को काले रंग में दिखाया गया है उनमें स्थिति ‘बहुत ही बुरी’ है|”आरएसएफ़ की रिपोर्ट में कहा गया है कि “प्रेस की आज़ादी के इन हमलावरों” में से कुछ तो दो दशकों से अपने ढर्रे पर चल रहे हैं| लेकिन कुछ नए चेहरे इस गैलरी में शामिल हुए हैं|पहली बार शामिल होने वालों में भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी है |

नरेंद्र मोदी के अलावा दो महिलाएँ और एक यूरोपीय चेहरा भी शामिल है| इसे २०२१  की गैलरी ऑफ़ ग्रिम पोट्रेट कहा गया है| इस बार की गैलरी में तकरीबन पचास प्रतिशत (१७ ) चेहरे पहली बार शामिल किए गए हैं|संस्था का कहना है कि इस गैलरी में उन शासन प्रमुखों को शामिल किया गया है जो सेंसरशिप वाले तौर-तरीके अपनाते हैं, मनमाने तरीकों से पत्रकारों को जेल में डालते हैं, उनके ख़िलाफ़ हमलों को बढ़ावा देते हैं|

आरएसएफ़ ने एक प्रेस फ्रीडम मैप जारी किया है, इसमें रंगों के ज़रिए बताया गया है कि किस देश को किस श्रेणी में रखा गया है, -इस नक्शे में भारत को लाल रंग में दिखाया गया है जबकि ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों को काले रंग में, यानी इसके मुताबिक भारत की हालत बुरी है|’प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करने वाले वाले’ एक तिहाई नेता (१३ ) एशिया प्रशांत क्षेत्र के हैं, इन सबकी उम्र औसतन ६५-६६ साल है|

आरएसएफ़ के महासचिव क्रिस्टोफ़ डेलॉरे का कहना है, “प्रेस की आज़ादी पर हमला करने वालों की लिस्ट में ३७  नेता शामिल हैं लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि केवल इतने ही नेता हैं जो ऐसा कर रहे हैं|

इस सूची की दोनों महिलाएँ एशियाई देशों से हैं पहली हैं कैरी लैम जो हांगकांग पर चीन के आदेशों के तहत लगातार “मीडिया का दमन कर रही हैं.” दूसरा नाम बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना का है जो साल२००९ से प्रधानमंत्री हैं, उनके शासन में पिछले तीन सालों में७० से अधिक पत्रकारों और ब्लॉगरों पर आपराधिक मुकदमे चलाए गए हैं|

आरएसएफ़ सालाना प्रेस फ्रीडम इंडेक्स जारी करता है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीडिया की आज़ादी को मापने का एक पैमाना समझा जाता है. इस इंडेक्स में भारत १८० देशों मे १४२ वे स्थान पर है |भारत इस इंडेक्स में पिछले चार सालों से लगातार नीचे खिसकता जा रहा है, वह साल २०१७ में १३६ वें, साल २०१८ में १३८ वें, साल २०१९  में १४० वें और पिछले साल १४२ वें नंबर पर पहुँच गया|

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