राम मंदिर

राम मंदिर एक ऐसा शब्द है जिसके साथ करोड़ों भक्तों की भावनाएं जुड़ी हुई है परंतु इसके पीछे एक बहुत ही लंबा संघर्ष है १६ शताब्दी में देश पर मुगलों द्वारा हमला और पूरे देश में लोगों को जाति में बांटने की कोशिश की गई इसी कोशिश में एक थी राम मंदिर को तोड़कर वहां पर बाबरी मस्जिद बनाना ताकि लोगों की एकता को बिखेरा जा सके उस समय से लेकर 21 वी शताब्दी तक राम मंदिर के लिए राम भक्तों की लड़ाई जारी रही।

तब से लेकर 21 वीं शताब्दी तक करोड़ों कोशिशें की गई राम को मिटाने की परंतु इन करोड़ों कोशिशों के बावजूद भी राम को दिलों से नहीं मिटाया जा सका। 1991 के बाद जो मंदिर बनने की कोशिश तेज हो तो अनेक विरोधी ताकतों में सेकुलरिज्म का नाम पे इस मंदिर को पूरी तरीके से रोकने की कोशिश की
कई सबूत को नकारा गया यहां तक कि यह कहा गया कि अगर मंदिर बना तो देश की एकता खतरे में पड़ जाएगी और यह संविधान के विरुद्ध है।
कई लोगों ने इसे इलेक्शन से जुड़ा कहा कि इससे इलेक्शन में एक विशेष पार्टी को फायदा होगा इसकी वजह से इस मामले में सुनवई भी टली परंतु इस देश की न्यायपालिका ने एक लंबे समय बाद न्याय किया और राम मंदिर के बनने का रास्ता साफ
राम मंदिर का बनना लोगो का इस देश की न्यापालिका के साथ साथ इस देश के लोगों का लोकतंत्र पर भी एक बार भरोसा कायम करता है क्योंकि कई दशकों से भारतीय जनता पार्टी के मेनिफेस्टो में राम मंदिर एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है अगर इस बार वो राम मंदिर बनाने में असमर्थ होते हैं तो लोगों का देश के लोकतंत्र से पूर्ण रूप से भरोसा उठ जाता लोग सायाद फिर दुबारा किसी नेता पर भरोसा नही कर पाते और इस से देश की बहुत हानि होती।
राम मंदिर के बारे में कुछ लोग कहते हैं यह मंदिर लोगों के बीच में नफरत पैदा करेगा परंतु यह सरासर गलत बात है क्योंकि राम मंदिर आधुनिक भारत के आध्यात्मिक शक्ति होगी यह कोटि-कोटि लोगों को आपस मे जोड़ेगा जात-पात में बठे लोगों को एक करेगा।
राम मंदिर आध्यात्मिक महत्व तो है ही है साथ ही राम मंदिर के बनने से उस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था ही बदल जाएगी प्रतिदिन लाखों सैलानियों के आने से वहां पर लाखों नौकरियां बनेंगी और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा जिससे उस क्षेत्र के पूरा कायाकल्प हो जाएगा।
राम मंदिर का सिर्फ देश ही नहीं विदेश में भी प्रभाव होगा जब विदेशी सैलानी वहां आएंगे और राम के बारे में जानेंगे तो वह भारत से सीख ले कर वापस अपने देश में जाएंगे यह मंदिर देश में मर्यादा को पुनः स्थापित करेगा

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